अयोध्या राम मंदिर घोटाला: SIT की रिपोर्ट के बाद 6 पर FIR दर्ज, प्रशासनिक ढांचे में बड़े फेरबदल की तैयारी
डेस्क न्यूज़। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले ने अब राजनीतिक और कानूनी तूल पकड़ लिया है। विशेष जांच दल (SIT) की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद, राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर गुरुवार को 6 संदिग्ध आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के कड़े निर्देश के बाद यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत की गई है।
इस बड़े खुलासे के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में भी बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में किसी रिटायर्ड वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति की तैयारी की जा रही है।
इन गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
यूपी सरकार के रुख को देखते हुए पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई की है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है, धारा 306, 316(5), 317(4), 317(5): अमानत में खयानत, धोखाधड़ी और वित्तीय हेराफेरी से जुड़ी धाराएं। धारा 61 और 3(5): आपराधिक साजिश और सामूहिक रूप से अपराध को अंजाम देने के आरोप।
विपक्ष का हमला: ‘बिना FIR के SIT यानी बिना तीर के कमान’
चढ़ावा चोरी का मामला सामने आते ही मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) लगातार सरकार पर हमलावर है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एफआईआर दर्ज होने से पहले सरकार को घेरते हुए कहा था, “बिना एफआईआर के एसआईटी की जांच वैसी ही है जैसे बिना तीर के कमान।” माना जा रहा है कि विपक्ष के इसी चौतरफा दबाव के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में एफआईआर दर्ज की है।
“SIT यानी ‘शेयर इन थेफ्ट’…” अखिलेश यादव ने सरकार पर सीधा प्रहार करते हुए एसआईटी (SIT) की परिभाषा ही बदल दी। उन्होंने कहा कि यहाँ एसआईटी का मतलब ‘शेयर इन थेफ्ट’ (चोरी में हिस्सेदारी) लग रहा है। उन्होंने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ घोर पाप और खिलवाड़ बताया।
‘800 करोड़ से अधिक का हो सकता है चढ़ावा’
अखिलेश यादव ने दान की रकम को लेकर एक बड़ा गणित सामने रखा। उन्होंने कहा, “अगर उत्तर प्रदेश की सिर्फ हर लोकसभा सीट से औसतन 10 करोड़ रुपए का चढ़ावा भी माना जाए, तो यह राशि 800 करोड़ रुपए होती है। देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर से आए दान को जोड़ें तो यह आंकड़ा बेहद विशाल है।”
सपा प्रमुख ने सरकार पर तंज कसते हुए यह भी जोड़ा कि कई उद्योगपतियों और लोगों ने तो मंदिर में ‘गुप्तदान’ किया है, ताकि उनके घर ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) न पहुंच जाए। फिलहाल, एफआईआर दर्ज होने के बाद अयोध्या से लेकर लखनऊ तक की सियासत गरमा गई है और कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही कुछ बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।













